Sudha Chandran ने Premanand Maharaj से की मुलाकात
सुधा चंद्रन ने प्रेमानंद महाराज से की मुलाकात: साझा किए संघर्ष के दिन और ईश्वर पर अटूट विश्वास
लंबे समय से प्रेमानंद महाराज के विचारों से प्रेरित सुधा चंद्रन के लिए उनसे मिलना एक भावुक अनुभव रहा। सुधा ने बताया कि महाराज के प्रवचन उनके जीवन की जटिल गुत्थियों को सुलझाने में मदद करते हैं। उन्होंने साझा किया कि अक्सर रात के समय उनके मन में जो द्वंद्व या सवाल उठते हैं, अगली सुबह महाराज के प्रवचनों के माध्यम से उन्हें उनके सटीक उत्तर मिल जाते हैं।
भक्ति ने दिया मुश्किलों से लड़ने का हौसला
सुधा चंद्रन ने अपने जीवन की उस दुखद घटना को याद किया जब एक सड़क हादसे में उन्हें अपना पैर गंवाना पड़ा था। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में ईश्वर पर उनके अटूट भरोसे ने ही उन्हें टूटने से बचाया। सुधा के अनुसार, "महाराज जी भी यही सिखाते हैं कि नाम जप और प्रभु पर विश्वास ही हर बाधा को पार करने की शक्ति देता है। जब भक्ति गहरी होती है, तो शारीरिक कष्ट का अहसास कम हो जाता है और ध्यान जीवन के ऊंचे उद्देश्यों पर केंद्रित हो जाता है।"
दृढ़ निश्चय और मेहनत की मिसाल
कृत्रिम पैर (प्रोस्थेटिक लिंब) की सहायता से सुधा ने न केवल चलना सीखा, बल्कि शास्त्रीय नृत्य में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने जोर देकर कहा कि विश्वास, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास—इन तीनों ने उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।
चार दशकों का शानदार करियर
सुधा चंद्रन पिछले 40 वर्षों से अभिनय और नृत्य जगत में सक्रिय हैं। मुंबई के फिल्म जगत से लेकर टीवी इंडस्ट्री तक उन्होंने अपनी कला का लोहा मनवाया है। आज भी चेन्नई, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे शहरों के दर्शक उनके टेलीविजन शो 'कहीं किसी रोज़' के 'रमोना सिकंद' जैसे यादगार किरदारों के लिए उन्हें याद करते हैं। उनकी यह यात्रा करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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